अब ईख की लंबाई 15 फीट तक होगी। इतना ही नहीं उसमें मिठास भी ज्यादा होगा। जिसके चलते किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होगा और भविष्य में बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ उठा सकते हैं। रोहतक में इस किस्‍म का ईख लगाया गया है।

गन्ना उत्पादक किसानों के लिए खुश खबरी है। जानकारों की मानें तो अब ईख की लंबाई 15 फीट तक होगी। इतना ही नहीं, उसमें मिठास भी ज्यादा होगा। जिसके चलते किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होगा और भविष्य में बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ उठा सकते हैं। हालांकि फिलहाल महम शुगर मिल एरिया में ढाई एकड़ में इस तरह का ईख लगाया गया है। फिलहाल मिल क्षेत्र में प्रयोग के तौर पर यह ईंख लगाया गया हैं। लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि ईंख की यह नई विकसित की गई किस्म है। जो 15 फीट तक लंबी हो जाती है और इसमें मिठास भी अन्य किस्मों के मुकाबले ज्यादा पाया जाता है। इतना ही नहीं, दूसरी किस्मों की तुलना में इस इस नई किस्म के ईंख में बीमारियाें से भी बचाव हो सकेगा।

बहरहाल, इसकी जानकारी अभी गिने चुने किसानों को है, लेकिन जो भी इसके विषय में सुनता है, उसकी उत्सुकता बढ़ जाती है। कृषि विभाग के जानकारों के मुताबिक ईंख की यह नई किस्म करनाल से मंगाई गई है। जिसको महम शुगर मिल क्षेत्र में ढाई एकड़ में प्रयोग के तौर पर लगाया गया है। इस किस्म की विशेषता यह भी बताई जा रही है कि यह महम दस महीने में ही तैयार हो जाता है। जबकि आमताैर पर ईंख को तैयार होने में करीब एक साल का समय लगता है। ऐसे में इस नई किस्म के प्रति किसानों को रुझान होने की बड़ी संभावना नजर आ रही है। यहां नवंबर से अप्रैल तक गन्ने की बिजाई चलती रहती है।

बता दें कि महम शुगर मिल क्षेत्र में रोहतक के अलावा, भिवानी, हिसार, दादरी व जींद जिलों का भी क्षेत्र शामिल हैं। लेकिन इस नई किस्म का ईंख फिलहाल, रोहतक के निंदाणा गांव के अलावा भिवानी के बड़ेसरा व हिसार के बडाला गांव में किसानों ने लगाया है। इन स्थानों पर मिल की ओर से प्रयोग के तौर पर गन्ना लगाया गया है। अगर सब कुछ दावे के अनुसार रहा तो आने वाले समय में यह गन्ना उत्पादक किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकेगा।

गन्ने की यह बहुत बढ़िया किस्म है, तुलनात्मक रूप से इसमें बीमारी न के बराबर होती है। यह करनाल की किस्म है। इससे गन्ने की पैदावार बढ़ेगी, किसान इस किस्म को देख सकते हैं।