डेयरी उद्यमिता विकास योजना : जानें योजना की खास बातें

भारत को गांवों और किसानों का देश कहा जाता है और गांवों में आमदनी मुख्य साधन कृषि, पशुपालन, बागवानी, कृषि वानिकी व मत्स्य पालन है। प्राय : भारत का प्रत्येक किसान अपने पास दुधारू पशु रखता है और दूध बेचकर प्रतिदिन अच्छी खासी आमदनी पैदा करता है। दुधारू पशुओं की डेयरी किसानों के लिए एटीएम की तरह होती है जो प्रतिदिन उनको पैसा उपलब्ध कराती है। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित है। ऐसी ही एक योजना है डेयरी उद्यमिता विकास योजना। ट्रैक्टर जंक्शन की इस पोस्ट में आपको डेयरी उद्यमिता विकास योजना सब्सिडी, पात्रता व अन्य खास बातों की जानकारी दी जाएगी।

जानें, क्या है डेयरी उद्यमिता विकास योजना

पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना संचालित कर रखी है। इस योजना में पशुपालकों को दुधारू पशु गाय और भैंस खरीदने के लिए सब्सिडी पर लोन दिया जाता है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा यह सब्सिडी राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। केंद्र सरकार के सहयोग से यह योजना देश के कई राज्यों में संचालित है। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को दुधारू पशु खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है। इच्छुक किसान आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकता है।

डेयरी उद्यमिता विकास योजना, छत्तीसगढ़ में पात्रता शर्तें

छत्तीसगढ़ राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत भूमिहीन, लघु एवं सीमांत कृषक, गरीबी रेखा के नीचे के परिवार, दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों, दुग्ध संकलन मार्ग पर स्थित ग्राम, गौठान योजना के अंतर्गत चिन्हित ग्रामों के पशुपालकों, महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों एवं पूर्व से दुग्ध उत्पादन में संलग्न परिवार को प्राथमिकता दी जाएगी।

डेयरी उद्यमिता विकास योजना में सब्सिडी

छत्तीसगढ़ में संचालित डेयरी उद्यमिता विकास योजना में डेयरी के लिए सब्सिडी उपलब्ध है। योजना के तहत किसान को अधिकतम दो दुधारू पशुओं को खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी। किसान 2 दुधारू पशुओं (गाय अथवा भैंस) पर सब्सिडी प्राप्त कर सकता है। इस योजना के तहत कुल लागत मूल्य पर सब्सिडी दी जाएगी। सरकार ने 2 पशुओं का मूल्य 1 लाख 40 हजार रुपए निर्धारित किया है। योजना में सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 50 प्रतिशत (0.70 लाख) तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए 66.6 प्रतिशत (0.932 लाख) की सब्सिडी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पात्र किसान योजना के तहत बैंक ऋण प्राप्त कर सकता है।

डेयरी उद्यमिता विकास योजना में सब्सिडी के लिए आवश्यक दस्तावेज

डेयरी उद्यमिता विकास योजना में सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति को कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे, जो इस प्रकार हैं :

  • पशुधन क्रय संबंधी दस्तावेज जो कि सत्यापन समिति द्वारा सत्यापित होना चाहिए।
  • बीमा संबंधी दस्तावेज।
  • क्रय पशु में कृत टीकाकरण प्रमाण पत्र हितग्राही एवं दो गवाह द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंध पत्र।
  • हितग्राही द्वारा इकाई को कम से कम 5 वर्ष तक संचालित किया जाना होगा।
  • इस संबंध में एक अनुबंध हितग्राही एवं विभाग के बीच में संपादित किया जाएगा।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • जाति प्रमाण पत्र।
  • अनुसूचित जाति / जनजाति के हितग्राहीयों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • पता एवं पहचान पत्र।
  • छत्तीसगढ़ मूल निवासी प्रमाण पत्र।

योजना में 950 पात्र लोगों को मिलेगा लाभ

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त वर्ष 2021-21 में 950 पात्र लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 200 हितग्राही अनुसूचित जनजाति, 168 अनुसूचित वर्ग के रहेंगे। शेष हितग्राही सामान्य वर्ग से रहेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वर्ष इस योजना के तहत 527 हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया था। इसके लिए 15 करोड़ 17 लाख रुपए का अनुदान दिया गया था। इनमें से 310 अनुसूचित जनजाति और 36 अनुसूचित जाति के हितग्राही शामिल है, शेष सामान्य वर्ग के हितग्राहियों के लिए था।

डेयरी उद्यमिता विकास योजना में आवेदन

छत्तीसगढ़ में डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को आवेदन करना होगा। किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था, पशु औषधालय, कृत्रिम गर्भधान उपकेंद्र, मुख्य ग्राम इकाई, पशु चिकित्सालय, कृत्रिम गर्भधान केंद्र, मुख्य ग्राम खंड में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा किसान योजना की विस्तृत जानकारी के लिए पशु चिकित्सा कार्यालय अथवा संस्था में संपर्क कर सकता है।