किसानों के लिए बड़े काम की है मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम, आप भावान्तर भरपाई योजना का भी उठा सकते हैं फायदा. बागवानी की 21 फसलें शामिल. 1000 किसान उत्पादक समूह बनाने का लक्ष्य.



हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि किसानों की आय (farmers income) बढ़ाने के लिए फसलों का विविधिकरण किया जाना बहुत जरूरी है. इसके लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ स्कीम बनाई है. पिछले वर्ष धान की जगह लगभग 1 लाख एकड़ भूमि में कम पानी की खपत और कम लागत वाली अन्य फसलें बोई गई थीं, जिसको इस वर्ष 2 लाख एकड़ भूमि करने का लक्ष्य है.

जिसके लिए अधिक से अधिक किसान स्कीम (Kisan Scheme) के पोर्टल पर 25 जून तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यानी अब इसके लिए सिर्फ एक दिन बाकी है. इस स्कीम में शामिल किसानों को प्रोत्साहन के रूप में प्रति एकड़ 7000 रुपये मिलेंगे. फसल विविधिकरण द्वारा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में हमने प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को वर्ष 2030 तक दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है. यही नहीं, बागवानी में उत्पादन को तीन गुणा किया जाएगा.

भावान्तर भरपाई योजना में 21 फसलें कवर

दलाल ने कहा कि बाजार में फलों व सब्जियों के भाव लागत से भी कम रहने पर किसान को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हमने भावान्तर भरपाई योजना (Bhavantar Bharpayee Yojana) चलाई है. इसमें 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए हैं. यही नहीं, इन फसलों में प्राकृतिक आपदा से नुकसान की भरपाई के लिए ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ भी चलाई हुई है.

भावान्तर में शामिल फसलों में टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, किन्नू, अमरुद, गाजर, मटर, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, हरी मिर्च, लौकी, करेला, बंदगोभी, मूली, लहसुन, हल्दी और आम आदि शामिल हैं.

एक हजार एफपीओ बनाएंगे

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी पैदावार की ग्रेडिंग, पैकिंग व स्टोरेज तथा कृषि बाजार व उपभोक्ताओं से जोड़ने के लिए 486 किसान उत्पादक समूह बनाए गए हैं. जिन के साथ 76,855 किसानों को जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 1000 किसान उत्पादक समूह (FPO) बनाने का है. जिससे किसान सीधा कृषि बाजार (Agriculture Market) व उपभोक्ताओं से जुड़ने में सक्षम होंगे व इससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी.